दिल्ली में 21 से 23 मई तक ऑटो और कैब की हड़ताल, यात्रियों को हो सकती है परेशानी

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ECC शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय चक्का जाम का ऐलान किया है।
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2026-05-20 14:37:48

नई दिल्ली / भव्य खबर । दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अगले तीन दिनों तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय सांकेतिक चक्का जाम का ऐलान किया है। दावा किया गया है कि दिल्ली-एनसीआर की 68 से अधिक ट्रांसपोर्ट यूनियन और एसोसिएशन इस हड़ताल का समर्थन कर रही हैं। हड़ताल के दौरान दिल्ली आने वाले कमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने कहा कि ECC में करीब 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनके अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने वाले लाइट कमर्शियल पर ECC 1400 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये और भारी ट्रकों पर 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है।

तीन दिन के चक्का जाम से थम सकते हैं लाखों वाहन

डॉ. सभरवाल का दावा है कि देशभर के करीब 95 लाख ट्रक चालक, 50 लाख बस, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटर तथा 3500 से अधिक ट्रांसपोर्ट संगठन इस आंदोलन से जुड़े हैं। यह कड़ा फैसला CAQM और दिल्ली सरकार की नई परिवहन नीतियों के विरोध में लिया गया है, जिन्हें ट्रांसपोर्टर्स ने अन्यायपूर्ण बताया है। डॉ सभरवाल ने दावा किया है कि तीन दिन के इस चक्का जाम के दौरान 16 से 20 लाख गाड़ियों के पहिए थम सकते हैं, जिनमें करीब 10 हजार मंडी से जुड़ी गाड़ियां शामिल होंगी। हालांकि, ट्रांसपोर्ट संगठनों और सरकार के बीच बातचीत जारी है।

ऑटो-टैक्सी जाम पर असमंजस

आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर दिल्ली में 21 से 23 तारीख के बीच प्रस्तावित ऑटो-टैक्सी चक्का जाम को लेकर अभी आम सहमति नहीं बन पाई है। ऑटो-टैक्सी यूनियनों की सभी इकाइयां फिलहाल इसके समर्थन में नहीं हैं। हालांकि कुछ यूनियनों ने 21 से 23 तारीख तक चक्का जाम की घोषणा की है, जबकि कुछ यूनियनों ने सीएनजी के बढ़े हुए दामों के मद्देनजर किराया बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। उनका कहना है कि मुलाकात के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।

किराया बढ़ाने की मांग को लेकर यूनियनों ने दिया समर्थन

ऑटो-टैक्सी की चालक शक्ति यूनियन ने चक्का जाम का समर्थन किया है। चालक शक्ति यूनियन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल और दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के राजेंद्र सोनी ने कहा कि हमारी यूनियन किराया बढ़ाने की मांग कर रही है।

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