उत्तराखंड विधानसभा में 1 लाख 11 हजार करोड़ का बजट पेश, पिछली बार से 10.41 प्रतिशत ज्यादा

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2026-03-17 12:48:40

उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए प्रमुख आर्थिक बिंदुओं को सामने रखा है. इस बजट का कुल आकार 1,11,703.21 करोड़ है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 10.41 प्रतिशत अधिक है.

गैरसैंण/ भव्य खबर/ रमण श्रीवास्तव । विधानसभा में हंगामे के बीच राज्यपाल का अभिभाषण हुआ. लेकिन इसके बाद एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए. कांग्रेस ने सरकार पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा होती है, लेकिन सरकार अभिभाषण से पहले ही बजट पटल पर रखने की बात कर रही है. सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि सदन की कार्यवाही कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय होती है और उसी के अनुसार सदन चलाया जाता है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया.

उत्तराखंड की ग्रीष्मकाली राजधानी गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र जारी है. सुबह 11 बजे से बजट सत्र चल रहा है. विपक्ष के विधायक सत्र को बढ़ाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा कर रहे हैं. पहले विधानसभा परिसर में हंगामा किया और फिर राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान लगातार बवाल किया. कुछ विधायक वेल में उतर गए और राज्यपाल गो बैक के नारे लगाने लगे. हालांकि राज्यपाल अपना अभिभाषण देते रहे. दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश किया. सरकार ने 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है.

सीमांत गावों के विकास पर जोर

सीमांत गावों के विकास पर भी सरकार का जोर. वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत 51 सीमांत गावों के विकास के लिए बजट में 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

हरियाणा की तर्ज पर देवभूमि परिवार योजना

राज्य सरकार हरियाणा की तर्ज पर देवभूमि परिवार योजना शुरू करेगी. इसके तहत हर परिवार का एक डेटा बेस का निर्माण किया जाएगा. बजट में इसके लिए दस करोड का प्रावधान किया गया है.

जेंडर बजट में बढ़ोतरी

2025-26 में 16,961 करोड़ का था बजट

2026-27 में जेंडर बजट में 19,692 करोड़ का प्रावधान

इस बार का बजट SANTULAN (संतुलन) पर आधारित

S - सामवेशी विकास समावेशी विकास के द्योतक गरीब कल्याण, महिला कल्याण एवं बाल विकास को समर्पित योजनाएं:- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में समग्र रूप से लगभग 1327.73 करोड़ रुपये। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के लिए 600.00 करोड़ रुपये। सक्षम आंगनबाड़ी एंड पोषण 2.0 योजना के लिए समग्र रूप से लगभग 598.33 करोड़ रुपये। ईडब्ल्यूएस आवासों के लिए अनुदान के अंतर्गत 25.00 करोड़ रुपये। राज्य खाद्यान्न योजना के अंतर्गत 25.00 करोड़ रुपये। प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए समग्र रूप से लगभग 149.45 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30.00 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए 15.00 करोड़ रुपये राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना के लिए समग्र रूप से लगभग 14.13 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के लिए लगभग 13.44 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए 15.00 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि 8.00 करोड़ रुपये।

A - आत्मनिर्भर उत्तराखंड आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण से कृषि, उद्योग एवं पर्यटन सैक्टर से संबंधित योजनांएः- पशुपालन विभाग के अन्तर्गत स्वरोजगार परक व लाभार्थीपरक योजना के लिए लगभग 42.02 करोड़ रुपये। समग्र रूप से मिशन एप्पल के लिए 42.00 करोड़ रुपये। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए लगभग 39.90 करोड़ रुपये। उच्च मूल्य वाले फलों (कीवी, ड्रेगन फ्रूट आदि) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 30.70 करोड़ रुपये। राज्य में चाय विकास योजना के लिए लगभग 25.93 करोड़ रुपये। सगंध पौधा केंद्र को अनुदान एवं सगन्ध पौधों के कलस्टर विकास के लिए लगभग 24.75 करोड़ रुपये। फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ के लिए 20.00 करोड़ रुपये। प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए 75.00 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60.00 करोड़ रुपये। प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए 30.00 करोड़ रुपये स्टार्ट अप वेंचर फंड के लिए 25.00 करोड़ रुपये। मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए 25.00 करोड़ रुपये। ईको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से 18.50 करोड़ रुपये। हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना 10.00 करोड़ रुपये। ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना 10.00 करोड़ रुपये। सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10.00 करोड़ रुपये।

N - नई सोच संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान के लिए 28.00 करोड़ रुपये। खनन सर्विलांश योजना के अंतर्गत 24.50 करोड़ रुपये। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत छात्रवृति के लिए 15.00 करोड़ रुपये। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत छात्रवृति के लिए 15.00 करोड़ रुपये। खेल विभाग के अंतर्गत छात्रवृति के लिए लगभग 13.50 करोड़ रुपये। उद्यमिता, कौशल एवं नवाचार योजना के अंतर्गत लगभग 7.11 करोड़ रुपये। राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय की स्थापना के लिए 7.00 करोड़ रुपये। लैव ऑन व्हील्स योजना के लिए 4.00 करोड़ रुपये। राज्य डॉटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए समग्र रूप से 65.00 करोड़ रुपये। सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के अंतर्गत लगभग 47.50 करोड़ रुपये। पहाड़ी शहर में नगर निकायों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 30.00 करोड़ रुपये। साइबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए 15.00 करोड़ रुपये। डमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई (सीओई) के क्रियान्वयन के लिए लगभग 11.50 करोड़ रुपये। शहरी क्षेत्रों में पैदल मार्ग अवसंरचना के अंतर्गत 10.00 करोड़ रुपये। विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अंतर्गत 6.71 करोड़ रुपये। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के लिए लगभग 5.67 करोड़ रुपये। जनपदों में केंद्रीकृत रिकॉर्ड रूम के अंतर्गत 10.00 करोड़ रुपये। यूनीफार्म सिविल कोड के अंतर्गत 5.00 करोड़ रुपये।

T - तीव्र विकास पीएमजीएसवाई योजना के अंतर्गत पूंजीगत मद में 1050.00 करोड़ रुपये। गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के लिए 400.00 करोड़ रुपये। नागरिक उड्डयन विभाग के अंतर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में लगभग 52.50 करोड़ रुपये। नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए 25.00 करोड़ रुपये।

U - उन्नत शहर एवं गाँव का विकास विकसित भारत - जी राम जी के लिए समग्र रूप से लगभग 705.25 करोड़ रुपये। ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में 1642.20 करोड़ रुपये। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए 40.00 करोड़ रुपये। शहरी निकायों के लिए समग्र रूप से 1814.00 करोड़ रुपये एवं पंचायती राज संस्थाओं के लिए 1491.00 करोड़ रुपये। आवास विकास विभाग के अंतर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि के लिए 130.00 करोड़ रुपये। नगरीय अवस्थापना के सुदृढ़ीकरण के लिए 60.00 करोड़ रुपये।

L - लोक सहभागिता राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ीकरण/आईटीडीए को अनुदान 25.00 करोड़ रुपये। राज्य डाटा सेंटर सुदृढीकरण के लिए 40.00 करोड़ रुपये। एआई मिशन के क्रियान्वयन के लिए एसपीवी का गठन 25.00 करोड़ रुपये। विज्ञान केंद्र चंपावत के लिए 10.00 करोड़ रुपये।

A - आर्थिक शक्ति रिस्पना बिंदाल की एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग 350.00 करोड़ रुपये। टिहरी रिंग रोड परियोजना के लिए 10.00 करोड़ रुपये। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1050.00 करोड़ रुपये। स्टार्ट अप वेंचर फंड के लिए 25.00 करोड़ रुपये। प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए 75.00 करोड़ रुपये। मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए 25.00 रुपये। ईको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से 18.50 करोड़ रुपये। प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट, स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए 30.00 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60.00 करोड़ रुपये।

N - न्यायपूर्ण व्यवस्था पुलिस आवास के लिए 100.00 करोड़ रुपये। इंडिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना केलिए 10.00 करोड़ रुपये। स्टेट डिजास्टर रिस्पोंश फोर्स के लिए 10.00 करोड़ रुपये। आंतरिक सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बल आदि को भुगतान के लिए 2.50 करोड़ रुपये। जेलों का निर्माण / भूमि क्रय के लिए 25.00 करोड़ रुपये। कारागार के लिए आवासीय भवनों का निर्माण 10.00 करोड़ रुपये। उत्तराखंडन्यायिक एवं विधिक अकादमी 6.96 करोड़ रुपये। रेप एंड पोक्सो एक्ट के लंबित प्रकरणों के लिए फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट के लिए 3.42 करोड़ रुपये। 1.11 लाख करोड़ का बजट, पिछली बार से 10.41% ज्यादा उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए प्रमुख आर्थिक बिंदुओं को सामने रखा है. इस बजट का कुल आकार 1,11,703.21 करोड़ है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 10.41 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने इस बजट के माध्यम से विकास योजनाओं को गति देने और आर्थिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है. बजट में Expenditure के अंतर्गत राजस्व व्यय 64,989 करोड़ निर्धारित किया गया है, जबकि पूंजीगत व्यय 46,713 करोड़ रखा गया है. प्राप्तियों की बात करें तो राज्य की कुल प्राप्तियां 1,10,143.12 करोड़ आंकी गई हैं. इनमें राजस्व प्राप्तियां 67,525.77 करोड़ और पूंजीगत प्राप्तियां 42,617.35 करोड़ शामिल हैं.

हंगामे के बीच राज्यपाल का हुआ अभिभाषण

विधानसभा में हंगामे के बीच राज्यपाल का अभिभाषण हुआ. लेकिन इसके बाद एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए. कांग्रेस ने सरकार पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा होती है, लेकिन सरकार अभिभाषण से पहले ही बजट पटल पर रखने की बात कर रही है. वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि सदन की कार्यवाही कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय होती है और उसी के अनुसार सदन चलाया जाता है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया.

बजट और विपक्ष के हंगामे पर क्या बोले सीएम धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट शानदार आएगा, अच्छा आएगा और सभी की आकांक्षाओं को उनकी आशाओं को पूरा करने वाला बजट होगा और बजट को बड़े परिश्रम से काफी सारे स्टेक होल्डर्स और विभिन्न-विभिन्न समूहों, वर्गों और समाज के विभिन्न आयामों में काम करने वाले लोगों के सुझाव से ये बजट तैयार किया गया है. इसलिए इसमें सभी वर्गों के लिए प्रावधान किया गया है. बाकी अभी 3:00 बजे बजट प्रस्तुत होगा तो आप सबके सामने आ जाएगा. अच्छा होगा, बढ़िया रहेगा. अवधि की कहीं कोई समस्या नहीं है. आपने देखा होगा पिछला बजट, पिछला सेशन भी यहां हुआ था. उस सेशन में विपक्ष को हम लोगों ने चर्चा के लिए आमंत्रित किया था और हमारा तो यह है कि भई आप चर्चा करिए जितना यहां बिज़नेस होगा. क्योंकि सरकार के संसाधन लगते हैं. जनता का पैसा लगता है तो एक-एक मिनट यहां का अमूल्य है. हम चर्चा करने के लिए तैयार हैं. चर्चा करें जितनी चर्चा होगी उतनी चर्चा करी जाएगी उसमें कहीं कोई कटौती की जरूरत नहीं है.

राज्यपाल के अभिभाषण की प्रमुख बातें

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने सदन को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया. अभिभाषण में राज्य के समग्र विकास, रोजगार सृजन, पर्यटन विस्तार, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया. रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 का भी जिक्र किया गया. इस योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. राज्यपाल ने बताया कि हजारों युवाओं को इस योजना से लाभ मिला है और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं. पर्यटन क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है. विंटर टूरिज्म को विकसित करने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं ताकि साल भर पर्यटन गतिविधियां जारी रहें.

विधानसभा अध्यक्ष ने की विधायकों से अपील

गैरसैंण के भराड़ीसैंण में बजट सत्र शुरू होने से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई. सदन में पहुंचने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने सभी दलों से अपील किया कि बजट पर गंभीरता से चर्चा करें और सदन को सुचारु रूप से चलने दें. वहीं सरकार की ओर से आने वाले बजट को लेकर उत्साह भी देखने को मिला. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बजट को प्रदेश के विकास से जुड़ा अहम बजट बताया. गैरसैंण में आयोजित हो रहे बजट सत्र को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों की तैयारियां तेज हैं. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से सदन की गरिमा बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने की अपील की. वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा कि सरकार प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार कर रही है और यह बजट राज्य के हर वर्ग को ध्यान में रखकर लाया जाएगा.

हंगामे के बीच राज्यपाल का अभिभाषण

उत्तराखंड विधानसभा में बजट सत्र जारी है. राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है. यहां तक की कुछ विपक्षी विधायक वेल में घुस आए और राज्यपाल गो बैक के नारे लगाने लगे. राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्षी विधायक सीट पर खड़े हो गए. सदन की अवधि बढ़ाने की माँग को लेकर हंगामा. वहीं राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार राज्य के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर काम कर रही है. सरकार -जन जन की सरकार की अवधारण के अनुरूप शासन व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी, प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. वेल में विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यपाल का अभिभाषण जारी.

सीढ़ियों पर बैठे हैं कांग्रेस विधायक

विधानसभा की सीढ़ियों में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस मेंबर के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी. वहीं अभिभाषण के लिए राज्यपाल भी विधानसभा पहुंच गए हैं.

बजट सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर हंगामा

गैरसैंण में बजट सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं. कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए हैं. कांग्रेस की मांग है कि बजट सत्र की अवधि बढ़ाई जाए ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में विस्तार से चर्चा हो सके. इस पूरे मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से बातचीत की हमारे संवाददाता सतेन्द्र बर्तवाल ने, जिन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए.

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बीच यूकेडी का कूच

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बीच यूकेडी का कूच. विधानसभा घेराव को लेकर यूकेडी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन. भारी संख्या में पुलिस फोर्स, जगह-जगह बैरिकेडिंग. बेरोजगारी और बढ़ते अपराध को लेकर सरकार पर हमला. गैरसैंण में सत्र के बीच सियासी पारा चढ़ा.

1 लाख 11 हजार करोड़ का हो सकता है बजट

सुबह 11 बजे से शुरू होगा बजट सेशन. तीन बजे बजट पेश करेंगे सीएम धामी. करीब एक लाख 11 हज़ार करोड़ के बजट का अनुमान. चुनावी वर्ष में बजट पर लगी हैं लोगों की उम्मीदें. महिलाओं के लिए बजट में हो सकता है विशेष प्रावधान. न्यूज़ 18 से बातचीत में सीएम ने दिए थे संकेत. सीमांत क्षेत्रों, कृषि और बागवानी पर भी रह सकता है फोकस.

दोपहर तीन बजे पेश होगा बजट

9 मार्च को दोपहर तीन बजे सीएम पुष्कर सिंह धामी बजट पेश करेंगे. इससे पहले सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की होगी शुरुआत. पहले दिन बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की माँग उठा सकता है विपक्ष.

उत्तराखंड में सत्र से पहले बीजेपी-कांग्रेस में टकराव

बजट सत्र शुरू होने से पहले ही बीजेपी-कांग्रेस में टकराव दिखना शुरू हो गया है. कार्यमंत्रणा समिति की मीटिंग से कांग्रेस ने दूरी बना ली है. मीटिंग में नहीं पहुंची कांग्रेस. सेशन की अवधि बढ़ाने को लेकर गतिरोध बना हुआ है. विपक्ष की ओर से केवल बसपा विधायक रहे मौजूद.

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