2026-03-10 17:52:01
चंडीगढ़/ भव्य खबर । हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पिछले 5 महीनों में किसी भी लाभार्थी द्वारा अस्पतालों के भुगतान लंबित होने के कारण उपचार से वंचित किए जाने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रही थी। आरती सिंह राव ने बताया कि सूचना में उल्लिखित कथन राज्य में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन के संबंध में तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है तथा इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया जाता है। सभी पात्र लाभार्थियों को हरियाणा में सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना किसी व्यवधान के कैशलेस उपचार निरंतर प्रदान किया जा रहा है, जैसा कि उपलब्ध सांख्यिकीय आंकड़ों से सिद्ध होता है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक एवं निजी दोनों अस्पतालों के दावों का निस्तारण भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के टीएमएस पोर्टल के माध्यम से निर्धारित ऑनलाइन प्रणाली द्वारा पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने जानकरी दी कि आयुष्मान योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को किया गया, विश्व की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके अंतर्गत सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आधार पर चिन्हित परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल में भर्ती उपचार हेतु प्रदान किया जाता है। इस योजना में 2,694 उपचार पैकेज सम्मिलित हैं। हरियाणा में इस योजना का विस्तार अंत्योदय परिवारों तक भी किया गया है। आयुष्मान भारत योजना दुनिया के सबसे बड़े हेल्थ केयर योजनाओं में से एक है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि अच्छी हेल्थ केयर कुछ लोगों का खास अधिकार नहीं बल्कि हर नागरिक का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस योजना को इस सोच के तहत शुरू किया गया था कि कमजोर परिवारों को को सम्मानजनक और सस्ती हेल्थ केयर मिल सके। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रूपये तक हेल्थ केयर कवर दिया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल की वजह से हरियाणा के हजारों परिवारों सहित देश के लाखों परिवारों को मुफ्त और कैशलेस ईलाज मिल पाया है। यह स्कीम एक स्वस्थ और मजबूत भारत बनाने के लिए मोदी जी के कमिटमेंट और समर्पण को दिखाती है। आरती सिंह राव ने बताया कि 21 नवंबर 2022 को हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा चिरायु योजना का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत 1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों को आयुष्मान भारत के समान 25 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। यह योजना पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के वित्त वर्ष 2023-24 के बजट भाषण के अनुसार आयुष्मान भारत-चिरायु योजना का विस्तार 1.80 लाख से 3.00 लाख वार्षिक आय वाले सत्यापित परिवारों तक किया गया है। ऐसे परिवारों को 21,500 प्रति परिवार प्रति वर्ष के नाममात्र अंशदान पर योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पिछले साल वर्ष 2024 -25 में मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को बिना आय -सीमा के देने का ऐलान किया था। इसके तहत 2 लाख से अधिक कार्ड बन चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि लाभार्थी की पहचान एवं पंजीकरण से लेकर दावा प्रस्तुतिकरण, दस्तावेजों की जांच, दावा स्वीकृति एवं अस्पताल को भुगतान तक की संपूर्ण कार्यप्रणाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कोई शिकायत करनी होती है तो वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण का 24×7 कॉल सेंटर (14555), राज्य स्तरीय 24×7 कॉल सेंटर (1800 180 2026 एवं 1800 180 2415), तथा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल जैसे CPGRAMS, CGRMS, CM-Window, जन संवाद एवं SMGT सम्मिलित हैं। इन माध्यमों से लाभार्थी उपचार से वंचित किए जाने अथवा अन्य किसी भी शिकायत को दर्ज कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उक्त योजना के तहत आंकड़ों पर उठाये गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उपलब्ध आंकड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के ऑनलाइन पोर्टल से प्राप्त किए गए हैं। क्योंकि योजना की समस्त गतिविधियां इसी पोर्टल के माध्यम से संचालित होती हैं। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2026 तक हरियाणा राज्य में 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं और सक्रिय रूप से पात्र लाभार्थियों को उपचार प्रदान कर रहे हैं। उपचार से वंचित किए जाने के आरोप के संदर्भ में स्पष्ट किया कि फरवरी 2026 (21 फरवरी 2026 तक) के दौरान केवल निजी अस्पतालों से 33,911 प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त हुए, जिनका प्रतिदिन औसत लगभग 1,615 है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा कुल 5,91,863 दावे प्रस्तुत किए गए, जिनका दैनिक औसत लगभग 1,804 है। जनवरी एवं फरवरी 2026 में कुल 82,563 दावे प्रस्तुत किए गए, जिनका दैनिक औसत लगभग 1,588 है। उन्होंने बताया कि उक्त आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना का उपयोग निरंतर जारी है तथा उपचार रोके जाने का आरोप तथ्यात्मक रूप से असत्य है। आरती सिंह राव ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में निजी अस्पतालों द्वारा 1236 करोड़ के दावे प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 1100 करोड़ का भुगतान किया गया, अर्थात् कुल दावा राशि का लगभग 89% निस्तारण किया गया। यदि वर्तमान वित्त वर्ष (2025-26) में प्रस्तुत दावों पर भी यही अनुपात लागू किया जाए तो देय राशि लगभग 1,128 करोड़ बनती है, जिनमें से 2918 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि लगभग 200 करोड़ की राशि विभिन्न चरणों में लंबित है जो कि निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत जांच प्रक्रिया के अधीन है। उन्होंने बताया कि गत दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 (22 फरवरी 2026 तक) के बीच ₹250 करोड़ की राशि सूचीबद्ध अस्पतालों को जारी की गई है। यह भुगतान की प्रक्रिया सतत एवं नियमित रूप से जारी है। वर्ष 2025 पहले का कोई भी क्लेम पोर्टल पर लंबित नहीं है , बशर्ते क्लेम में कोई खामी न हो। उन्होंने बताया कि पिछले 3 महीनों में 280 करोड़ रूपये का संबंधित अस्पतालों को भुगतान किया है और इस वर्ष भी लगभग 950 करोड़ का अस्पतालों को भुगतान किया जा चुका है। राज्य में वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के एक करोड़ 40 लाख कार्ड सक्रिय हैं, जबकि 32.5 लाख लोगों का ईलाज किया गया है। इनकी करीब 2800 करोड़ रूपये का भुगतान आज तक किया जा चुका है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों द्वारा उक्त योजना से संबंधित लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि गरीब एवं मध्यमवर्गीय वर्गों के लाभार्थी सार्वजनिक एवं निजी दोनों अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निरंतर उपचार प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में राज्य में स्वास्थ्य-आपातकाल जैसी स्थिति होने का आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है।