स्वीडन प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान पहुंचने कर पंचकूला जानी आयुर्वेद उपचार पद्धति

स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला का दौरा किया और आयुर्वेद उपचार पद्धतियों को जाना। डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों बारे जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में आयुर्वेद उपचार पद्धतियों की सराहना की।
News

2026-03-16 18:39:18

पंचकूला/ भव्य खबर । भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला का दौरा किया और आयुर्वेद उपचार पद्धतियों को जाना। एनआईए में पहुंचने पर उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराया। वहीं, डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों बारे जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में आयुर्वेद उपचार पद्धतियों की सराहना की। डॉ. गौरव गर्ग ने प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया कि आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के जरिये रोगियों का उपचार किया जा रहा है। संस्थान की 12 ओपीडी में हर रोज 400 से 500 मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों के जरिये इलाज किया जाता है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिन्षा ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान का दौरा कराया और उन्हें ओपीडी और आईपीडी के बारे में विस्तार से बताया। प्रतिनिधिमंडल ने ओपीडी और आईपीडी सेक्शन के साथ पंचकर्म, केंद्रीय लेबोरेट्री, फिजियोथैरेपी, फार्मेसी, पंजीकरण शाखा और आपरेशन थियेटर का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रही गबिजा गाडलियाउस्काइट और रीता जिलेनाइते ने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों में आयुर्वेद उपचार की डिमांड बढ़ रही है और आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हो रहा है। कई यूरोपीयन देशों में मरीज भारतीय चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने आयुष मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की सराहना की, जोकि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में अलग पहचान बना रहा है। इंडो बाल्टिक सोसायटी फॉर कान्शियसनेस लिथुआनिया के को-आर्डिनेटर स्वामी आदित्य नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भारत भ्रमण पर पहुंचा है, जोकि अलग-अलग प्रदेशों में पर्यटन स्थलों के साथ शैक्षणिक और आयुर्वेद से जुड़े संस्थानों का भ्रमण कर रहा है। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र, डॉ. विवेक गुप्ता रायपुर रानी और रिचा भार्गव प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।

Readers Comments

Post Your Comment here.
Characters allowed :
Follow Us


Monday - Saturday: 10:00 - 17:00    |    
info@bhavykhabar.com
Copyright© Bhavy Khabar
Powered by DiGital Companion