2026-05-20 23:32:56
नई दिल्ली / भव्य खबर । कांग्रेस ने देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था “मरणशैया” पर पहुंच चुकी है और सरकार लगातार वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार आर्थिक संकट के लिए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले दस वर्षों से लगातार आंकड़ों के आधार पर सरकार को चेतावनी देती रही, लेकिन उन चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने कहा कि “वैश्विक कारण केवल आंशिक रूप से जिम्मेदार हैं। असली समस्या यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब किसी भी बड़े झटके को सहन करने की स्थिति में नहीं बची है।” खेड़ा ने 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी आर्थिक टीम ने उस समय देश को बड़े संकट से बचाए रखा था।
पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 प्रतिशत और डीजल में 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी सरकार के शुरुआती वर्षों में कौन-से वैश्विक युद्ध चल रहे थे, जिनके कारण तेल की कीमतें इतनी बढ़ीं।
खेड़ा ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 70 रुपये प्रति लीटर के आसपास थीं। वहीं, मोदी सरकार के दौरान जब कच्चे तेल की कीमत करीब 50 डॉलर प्रति बैरल रही, तब भी जनता को पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के करीब खरीदना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स के जरिए 43 लाख करोड़ रुपये वसूले हैं। हाल ही में ईंधन कीमतों में चार रुपये की बढ़ोतरी से तेल कंपनियों ने कुछ ही घंटों में 12,400 करोड़ रुपये कमा लिए।
खेड़ा ने कहा कि वर्ष 2014 में 414 रुपये में मिलने वाला एलपीजी सिलेंडर अब 915 रुपये का हो चुका है। इसके अलावा दूध, ब्रेड और रेस्तरां में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में भी लगातार वृद्धि हुई है।
रुपये की गिरावट और बेरोजगारी पर चिंता
कांग्रेस नेता ने देश की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर होकर 96.80 से 97 के स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो महीनों में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 38 बिलियन डॉलर घटा है और निवेशकों ने बाजार से दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी निकाल ली है।
खेड़ा ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत के पार पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत आर्थिक रैंकिंग में छठे स्थान पर खिसक गया है और आर्थिक सुस्ती लंबे समय तक बनी रह सकती है।
सरकारी योजनाओं पर भी उठाए सवाल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए खेड़ा ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि देश के 58 करोड़ जनधन खातों में से 15 करोड़ से अधिक खाते निष्क्रिय हैं और 62 प्रतिशत खातों में 1,000 रुपये से कम राशि जमा है।
उन्होंने दावा किया कि मुद्रा योजना में एनपीए 10 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बजट का 99.4 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं हो पाया, जबकि पहले चरण में केवल 7.34 प्रतिशत युवाओं ने अपनी इंटर्नशिप पूरी की।
आयुष्मान भारत योजना को लेकर खेड़ा ने आरोप लगाया कि एक ही मोबाइल नंबर पर लाखों लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया, जिनमें मृत लोगों के नाम भी शामिल हैं। वहीं, नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत निर्धारित 15,000 ड्रोनों में से केवल 500 ड्रोन ही वितरित किए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर किया है और प्रधानमंत्री किसान योजना से किसानों के नाम हटाए जा रहे हैं।
“पीएम प्रचार योजना” पर तंज
कांग्रेस नेता ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आम जनता को तेल बचाने और “वर्क फ्रॉम होम” की सलाह दी जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8,500 करोड़ रुपये के विमान से विदेश यात्राएं कर रहे हैं और बड़े-बड़े रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं।
खेड़ा ने कहा कि “देश में केवल एक ही योजना पूरी पारदर्शिता से चल रही है और वह है पीएम प्रचार योजना।”
प्रेसवार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष और मीडिया जनता के लिए आईने का काम करते हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में सरकार लगातार उस आईने को तोड़ने का प्रयास कर रही है ताकि जनता के सामने सच न आ सके। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा पिछले 12 वर्षों में प्रेस वार्ता नहीं करने पर भी सवाल उठाए।