2026-05-11 23:50:30
नई दिल्ली / भव्य खबर । NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक और “गेस पेपर” विवाद पर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि भाजपा शासन में भर्ती परीक्षाएं और प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार भ्रष्टाचार, पेपर लीक और अव्यवस्था का शिकार हो रही हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
राहुल गांधी बोले- “NEET अब परीक्षा नहीं, नीलामी है”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर सवाल बेचे जा रहे थे, जबकि 22 लाख से ज्यादा छात्र सालभर मेहनत कर रहे थे। राहुल गांधी ने कहा कि “एक रात में छात्रों का भविष्य सरेआम बाजार में नीलाम हो गया।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक और 48 दोबारा परीक्षाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार सरकार केवल वादे करती है और फिर चुप्पी साध लेती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी सरकार से बड़ा खतरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।” राहुल गांधी ने यह भी कहा कि वह देश के युवाओं के साथ खड़े हैं और इस व्यवस्था को बदलने की जरूरत है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी NEET विवाद को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में पिछले कई वर्षों से परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि NEET जैसी परीक्षाओं के लिए छात्र और उनके परिवार वर्षों तक कठिन मेहनत और संघर्ष करते हैं, लेकिन हर बार परीक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए थे, तो फिर जमीन पर भ्रष्टाचार क्यों जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के युवाओं के प्रति जवाबदेह हैं और यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे का हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी सरकार में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह अव्यवस्था, अविश्वास और अराजकता का प्रतीक बन चुकी है।”
उन्होंने कहा कि NEET के कम से कम चार बड़े पेपर लीक मामले सामने आ चुके हैं — 2016, 2021, 2024 और अब 2026। खड़गे ने आरोप लगाया कि राजस्थान के सीकर में परीक्षा से पहले handwritten “गेस पेपर” खुलेआम बेचा जा रहा था, जिसमें से 135 सवाल सीधे असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए।
उन्होंने कहा कि करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना भाजपा की आदत बन चुकी है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार नौकरियां देने में विफल रही है और भर्ती परीक्षाओं में धांधली तथा पेपर लीक माफिया को संरक्षण दे रही है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में एक कथित “गेस पेपर” सामने आया है, जिसमें लगभग 410 सवाल थे। जांच में पाया गया कि इनमें से करीब 120 सवाल NEET UG 2026 के बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन से मेल खाते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह गेस पेपर परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले WhatsApp के जरिए छात्रों तक पहुंचा था। इसे 20 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक में बेचे जाने के आरोप हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसकी कीमत 5 लाख रुपये तक बताई गई है।
मामले में अब तक 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि सीकर से जुड़े एक करियर काउंसलर की गिरफ्तारी भी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल “गेस पेपर” था या वास्तव में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक हुआ था।
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
इस विवाद के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मेडिकल समुदाय के कई लोगों ने भी सवाल उठाए हैं कि 2024 के बड़े पेपर लीक विवाद के बाद भी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित क्यों नहीं बनाया जा सका।
विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तथा पारदर्शिता की मांग कर रहा है।