2026-05-06 18:38:52
नई दिल्ली/भव्य खबर। आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए “बदले की राजनीति” को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। मंगलवार, 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर उन नेताओं को निशाना बना रही है जिन्होंने हाल ही में पार्टी बदली है।
राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि आम आदमी पार्टी के पास केवल एक राज्य पंजाब में सरकार और पुलिस है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के पास 21 राज्यों में सत्ता और पुलिस बल है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि बदले की यह राजनीति किस स्तर तक जा सकती है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक वे आम आदमी पार्टी में थे, तब तक उन्हें “संस्कारी और आज्ञाकारी” कहा जाता था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते ही उन्हें “भ्रष्ट” बताकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक द्वेष की कार्रवाई करार दिया।
अपने आरोपों को स्पष्ट करते हुए चड्ढा ने कुछ घटनाओं का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह के घर के बाहर ग्राफिटी बनाना, राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री पर छापेमारी करना और संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी जैसे मामले इसी बदले की राजनीति का हिस्सा हैं।
उन्होंने पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि वे इस तरह के “खतरनाक खेल” से दूर रहें, क्योंकि सरकारें स्थायी नहीं होतीं और समय के साथ बदलती रहती हैं।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस तरह की धमकियों को बर्दाश्त नहीं करते और किसी भी व्यक्ति को केवल दल बदलने के आधार पर कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया था। इसके बाद से ही पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।