2026-05-14 00:31:21
नई दिल्ली / भव्य खबर । नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर कांग्रेस की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस और छात्र संगठन एनएसयूआई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को पूरी तरह विफल बताते हुए इसे स्थायी रूप से प्रतिबंधित करने और परीक्षाएं किसी सरकारी संस्था के माध्यम से कराने की मांग भी उठाई गई है।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि नीट पेपर लीक देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक का पूरा नेक्सस भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा है और पैसों के खेल में छात्रों के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है।
उदय भानु चिब ने कहा कि देश के लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देखते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक से उनका पूरे सिस्टम पर भरोसा टूटता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हो चुके हैं और 48 बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में एनटीए के गठन के बाद से पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एनटीए का ऑडिट कौन करता है और निजी वेंडरों को परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी किस आधार पर दी जाती है। चिब ने आरोप लगाया कि पहले विश्वविद्यालय और राज्य सरकारें पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराती थीं, लेकिन अब एनटीए के जरिए छात्रों के भविष्य को अंधेरे में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा भ्रष्ट तंत्र तैयार कर दिया है जिसमें अमीरों के बच्चे आगे बढ़ जाएंगे जबकि गरीब छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
चिब ने यह भी आरोप लगाया कि 2024 में जिन एनटीए महानिदेशक के कार्यकाल में नीट पेपर लीक हुआ था, उन्हें बाद में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बना दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ संदेश जाता है कि पेपर लीक से जुड़े लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
वहीं एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और केवल परीक्षा रद्द कर देना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बार एनटीए सिर्फ माफी मांगकर अपनी जिम्मेदारी से बच निकलता है, जबकि सरकार किसी की जवाबदेही तय नहीं करती। जाखड़ ने कहा कि लाखों छात्र और उनके परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। जिन माता-पिता ने कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाया, उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ी चिंता खड़ी हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट 2026 पेपर लीक का केंद्र राजस्थान रहा और इस पूरे मामले को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। जाखड़ ने दावा किया कि भाजपा से जुड़े कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं, जो कोचिंग संस्थानों का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि सीकर, कोटा और जयपुर जैसे कोचिंग हब में अधिकांश बड़े कोचिंग संस्थान भाजपा नेताओं से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में कोचिंग संस्थानों के कर्मचारियों से पूछताछ के बाद राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया गया।
जाखड़ ने कहा कि नीट 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी बताए जा रहे जमवारामगढ़ के दो भाई भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े हुए हैं और उनकी तस्वीरें भाजपा नेताओं के साथ मौजूद हैं। उन्होंने मांग की कि छात्रों और अभिभावकों को मानसिक तनाव, कोचिंग फीस, परिवहन खर्च और शैक्षणिक वर्ष के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए। साथ ही पेपर लीक से जुड़े दोषियों और कोचिंग माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दोनों नेताओं ने कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मंगलवार और बुधवार को देशभर में छात्रों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया है और आगे भी छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।